Ashtottara Sata Namavali · Traditional devotional text · Source: vignanam.org (Traditional devotional text (public-domain shlokas))
श्रीमदकलंक परिपूर्ण शशिकोटि- श्रीधर मनोहर सटापटल कांत। पालय कृपालय भवांबुधि-निमग्नं दैत्यवरकाल नरसिंह नरसिंह ॥ 1 ॥
पादकमलावनत पातकि-जनानां पातकदवानल पतत्रिवर-केतो। भावन परायण भवार्तिहरया मां पाहि कृपयैव नरसिंह नरसिंह ॥ 2 ॥
तुंगनख-पंक्ति-दलितासुर-वरासृक् पंक-नवकुंकुम-विपंकिल-महोरः । पंडितनिधान-कमलालय नमस्ते पंकजनिषण्ण नरसिंह नरसिंह ॥ 3 ॥
मौलिषु विभूषणमिवामर वराणां योगिहृदयेषु च शिरस्सुनिगमानाम् । राजदरविंद-रुचिरं पदयुगं ते देहि मम मूर्ध्नि नरसिंह नरसिंह ॥ 4 ॥
वारिजविलोचन मदंतिम-दशायां क्लेश-विवशीकृत-समस्त-करणायाम् । एहि रमया सह शरण्य विहगानां नाथमधिरुह्य नरसिंह नरसिंह ॥ 5 ॥
हाटक-किरीट-वरहार-वनमाला धाररशना-मकरकुंडल-मणींद्रैः । भूषितमशेष-निलयं तव वपुर्मे चेतसि चकास्तु नरसिंह नरसिंह ॥ 6 ॥
इंदु रवि पावक विलोचन रमायाः मंदिर महाभुज-लसद्वर-रथांग। सुंदर चिराय रमतां त्वयि मनो मे नंदित सुरेश नरसिंह नरसिंह ॥ 7 ॥
माधव मुकुंद मधुसूदन मुरारे वामन नृसिंह शरणं भव नतानाम् । कामद घृणिन् निखिलकारण नयेयं कालममरेश नरसिंह नरसिंह ॥ 8 ॥
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अष्टकमिदं सकल-पातक-भयघ्नं कामदं अशेष-दुरितामय-रिपुघ्नम् । यः पठति संततमशेष-निलयं ते गच्छति पदं स नरसिंह नरसिंह ॥ 9 ॥
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