Ashtottara Sata Namavali · Traditional devotional text · Source: vignanam.org (Traditional devotional text (public-domain shlokas))
ॐ स्ववाग्दे व तासरि द्ब क्तविमली कर्त्रे नमः ॐ राघवेंद्राय नमः ॐ सकल प्रदात्रे नमः ॐ भ क्तौघ संभे दन द्रुष्टि वज्राय नमः ॐ क्षमा सुरॆंद्राय नमः ॐ हरि पादकंज निषेव णालब्दि समस्ते संपदे नमः ॐ देव स्वभावाय नमः ॐ दि विजद्रुमाय नमः ॐ इष्ट प्रदात्रे नमः ॐ भव्य स्वरूपाय नमः ॥ 10 ॥ ॐ भ व दुःखतूल संघाग्निचर्याय नमः ॐ सुख धैर्य शालिने नमः ॐ समस्त दुष्टग्र हनिग्र हेशाय नमः ॐ दुरत्य यो पप्ल सिंधु सेतवे नमः ॐ निरस्त दोषाय नमः ॐ निर वध्यदेहाय नमः ॐ प्रत्यर्ध मूकत्वविधान भाषाय नमः ॐ विद्वत्सरि ज्ञेय महा विशेषाय नमः ॐ वा ग्वैखरी निर्जित भव्य शे षाय नमः ॐ संतान संपत्सरिशुद्दभक्ती विज्ञान नमः ॥20 ॥ ॐ वाग्दॆ हसुपाटवादि धात्रे नमः ॐ शरिरोत्ध समस्त दोष हंत्रॆ नमः ॐ श्री गुरु राघवेंद्राय नमः ॐ तिरस्कृत सुंनदी जलपादो दक महिमावते नमः ॐ दुस्ता पत्रय नाशनाय नमः ॐ महावंद्यासुपुत्र दायकाय नमः ॐ व्यंगय स्वंग समृद्द दाय नमः ॐ ग्रहपापा पहयॆ नमः ॐ दुरितकानदाव भुत स्वभक्ति दर्श नाय नमः ॥ 30 ॥ ॐ सर्वतंत्र स्वतंत्रय नमः ॐ श्रीमध्वमतवर्दनाय नमः ॐ विजयेंद्र करा ब्जोत्द सुदोंद्रवर पूत्रकाय नमः ॐ यतिराजये नमः ॐ गुरुवे नमः ॐ भया पहाय नमः ॐ ज्ञान भक्ती सुपुत्रायुर्यशः श्री पुण्यवर्द नाय नमः ॐ प्रतिवादि भयस्वंत भेद चिह्नार्ध राय नमः ॐ सर्व विद्याप्रवीणाय नमः ॐ अपरोक्षि कृत श्रीशाय नमः ॥ 40 ॥ ॐ अपेक्षित प्रदात्रे नमः ॐ दायादाक्षिण्य वैराग्य वाक्पाटव मुखांकि ताय नमः ॐ शापानुग्र हशाक्तय नमः ॐ अज्ञान विस्मृति ब्रांति नमः ॐ संशयापस्मृति क्ष यदोष नाशकाय नमः ॐ अष्टाक्षर जपेस्टार्द प्रदात्रे नमः ॐ अध्यात्मय समुद्भवकायज दोष हंत्रे नमः ॐ सर्व पुण्यर्ध प्रदात्रे नमः ॐ कालत्र यप्रार्ध नाकर्त्यहिकामुष्मक सर्वस्टा प्रदात्रे नमः ॐ अगम्य महिम्नेनमः ॥ 50 ॥ ॐ महयशशे नमः ॐ मद्वमत दुग्दाब्दि चंद्राय नमः ॐ अनघाय नमः ॐ यधाशक्ति प्रदक्षिण कृत सर्वयात्र फलदात्रे नमः ॐ शिरोधारण सर्वतीर्ध स्नान फतदातृ समव बंदावन गत जालय नमः ॐ नमः करण सर्वभिस्टा धार्ते नमः ॐ संकीर्तन वेदाद्यर्द ज्ञान दात्रे नमः ॐ संसार मग्नजनोद्दार कर्त्रे नमः ॐ कुष्टादि रोग निवर्त काय नमः ॐ अंध दिव्य दृष्टि धात्रे नमः ॥ 60 ॥ ॐ एड मूकवाक्सतुत्व प्रदात्रे नमः ॐ पूर्णा यु:प्रदात्रे नमः ॐ पूर्ण संप त्स्र दात्रे नमः ॐ कुक्षि गत सर्वदोषम्नानमः ॐ पंगु खंज समीचानाव यव नमः ॐ भुत प्रेत पिशाचादि पिडाघ्नेनमः ॐ दीप संयोजनज्ञान पुत्रा दात्रे नमः ॐ भव्य ज्ञान भक्त्यदि वर्दनाय नमः ॐ सर्वाभिष्ट प्रदाय नमः ॐ राजचोर महा व्या घ्र सर्पन क्रादि पिडनघ्नेनमः ॥ 70 ॥ ॐ स्वस्तोत्र परनेस्टार्ध समृद्ध दय नमः ॐ उद्य त्प्रुद्योन धर्मकूर्मासन स्दाय नमः ॐ खद्य खद्यो तन द्योत प्रतापाय नमः ॐ श्रीराममानसाय नमः ॐ दृत काषायव सनाय नमः ॐ तुलसिहार वक्ष नमः ॐ दोर्दंड विलसद्दंड कमंडलु विराजिताय नमः ॐ अभय ज्ञान समुद्राक्ष मालाशीलक रांबुजाय नमः ॐ योगेंद्र वंद्य पादाब्जाय नमः ॐ पापाद्रि पाटन वज्राय नमः ॥ 80 ॥ ॐ क्षमा सुर गणाधी शाय नमः ॐ हरि सेवलब्दि सर्व संपदे नमः ॐ तत्व प्रदर्शकाय नमः ॐ भव्यकृते नमः ॐ बहुवादि विजयिने नमः ॐ पुण्यवर्दन पादाब्जाभि षेक जल संचायाय नमः ॐ द्युनदी तुल्यसद्गुणाय नमः ॐ भक्ताघविद्वंसकर निजमूरि प्रदर्शकाय नमः ॥ 90 ॥ ॐ जगद्गुर वे नमः कृपानिध ये नमः ॐ सर्वशास्त्र विशारदाय नमः ॐ निखिलेंद्रि यदोष घ्ने नमः ॐ अष्टाक्षर मनूदि ताय नमः ॐ सर्वसौख्यकृते नमः ॐ मृत पोत प्राणादात्रे नमः ॐ वेदि स्धपुरुषोज्जी विने नमः ॐ वह्निस्त मालिकोद्द र्त्रे नमः ॐ समग्र टीक व्याख्यात्रे नमः ॐ भाट्ट संग्र हकृते नमः ॥ 100 ॥ ॐ सुधापर मिलोद्द र्त्रे नमः ॐ अपस्मारा पह र्त्रे नमः ॐ उपनिष त्खंडार्ध कृते नमः ॐ ऋ ग्व्यख्यान कृदाचार्याय नमः ॐ मंत्रालय निवसिने नमः ॐ न्याय मुक्ता वलीक र्त्रे नमः ॐ चंद्रि काव्याख्याक र्त्रे नमः ॐ सुंतंत्र दीपिका र्त्रे नमः ॐ गीतार्द संग्रहकृते नमः ॥ 108 ॥
Offered for worship and study, not as prediction. Non-commercial.
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