Geethams - Carnatic Music Lessons · Traditional devotional text · Source: vignanam.org (Traditional devotional text (public-domain shlokas))
रागम्: श्री (मेलकर्त 22, खरहरप्रिय) आरोहण: स . रि2 . . म1 . प . . नि2 . स' (षड्जम्, चतुश्रुति ऋषभम्, शुद्ध मध्यमम्, पंचमम्, कैशिकी निषादम्, षड्जम्) अवरोहण: स' . नि2 . . प . म1 रि2 ग2 रि2 स (षड्जम्, कैशिकी निषादम्, पंचमम्, शुद्ध मध्यमम्, चतुश्रुति ऋषभम्, साधारण गांधारम्, चतुश्रुति ऋषभम्, षड्जम्) तालम्: चतुस्र जाति ध्रुव तालम् अंगाः: 1 लघु (4 काल) + 1 धृतम् (2 काल) + 1 लघु (4 काल) + 1 लघु (4 काल) रूपकर्त: पैडल गुरुमूर्ति शास्त्रि भाषा: संस्कृतम् साहित्यम् मीनाक्षी जयकामाक्षी कंकटिक वामाक्षी अप्रतिभ प्रभा उन्नति मधुर मधुर सलंकार ॐकार कलि तलप युध मत मधुकैटभ चंडमुंड दानव खंडन मद दंत वलयन कार्तिकेय जननि रे रे कात्यायनि कालि रुद्राणि वीणा निक्वाणि करण करण शिखरंजय मधुरालाप प्रिय रे आयियाति यिया आयियां वया अयति यिया अह्यियां वया चॊक्कनाथ आमि जयरे स्वराः
Offered for worship and study, not as prediction. Non-commercial.
More devotional texts
Browse Related Categories: