Geethams - Carnatic Music Lessons · Traditional devotional text · Source: vignanam.org (Traditional devotional text (public-domain shlokas))
रागम्: आरभि (मेलकर्त 29, धीर शंकराभरणम्) स्वर स्थानाः: षड्जम्, काकली निषादम्, चतुश्रुति धैवतम्, पंचमम्, शुद्ध मध्यमम्, अंतर गांधारम्, चतुश्रुति ऋषभम्, षड्जम् आरोहण: स . रि2 . . म1 . प . द2 . . स' अवरोहण: स' नि3 . द2 . प . म1 ग3 . रि2 . स तालम्: तिस्र जाति त्रिपुट तालम् अंगाः: 1 लघु (3 काल) + 1 धृतम् (2 काल) + 1 धृतम् (2 काल) रूपकर्त: पैडल गुरुमूर्ति शास्त्रि भाषा: संस्कृतम् साहित्यम् रे रे श्री रामचंद्र रघुवंश तिलक राघवेंद्रा आश्रित जन पोषकुरे सीता मनोरंजनु रेरे धीर रावण सुरांतुकुरे आयियरे दीनजन मंदारु मामव स्वराः
Offered for worship and study, not as prediction. Non-commercial.
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