Devi · Traditional devotional text · Source: vignanam.org (Traditional devotional text (public-domain shlokas))
महाशक्ति मणिद्वीप निवासिनी मुल्लोकालकु मूलप्रकाशिनी । मणिद्वीपमुलो मंत्ररूपिणी मन मनसुललो कॊलुवैयुंदि ॥ 1 ॥
सुगंध पुष्पालॆन्नो वेलु अनंत सुंदर सुवर्ण पूलु । अचंचलंबगु मनो सुखालु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 2 ॥
लक्षल लक्षल लावण्यालु अक्षर लक्षल वाक्संपदलु । लक्षल लक्षल लक्ष्मीपतुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 3 ॥
पारिजातवन सौगंधालु सूराधिनाधुल सत्संगालु । गंधर्वादुल गानस्वरालु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 4 ॥
भुवनेश्वरि संकल्पमे जनियिंचे मणिद्वीपमु । देवदेवुल निवासमु अदिये मनकु कैवल्यमु ॥
पद्मरागमुलु सुवर्णमणुलु पदि आमडल पॊडवुन गलवु । मधुर मधुरमगु चंदनसुधलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 5 ॥
अरुवदि नालुगु कलामतल्लुलु वरालनॊसगे पदारु शक्तुलु । परिवारमुतो पंचब्रह्मलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 6 ॥
अष्टसिद्धुलु नवनवनिधुलु अष्टदिक्कुलु दिक्पालकुलु । सृष्टिकर्तलु सुरलोकालु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 7 ॥
कोटिसूर्युल प्रचंड कांतुलु कोटिचंद्रुल चल्लनि वॆलुगुलु । कोटितारकल वॆलुगु जिलुगुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 8 ॥
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भुवनेश्वरि संकल्पमे जनियिंचे मणिद्वीपमु । देवदेवुल निवासमु अदिये मनकु कैवल्यमु ॥
कंचु गोडल प्राकारालु रागि गोडल चतुरस्रालु । एडामडल रत्नराशुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 9 ॥
पंचामृतमय सरोवरालु पंचलोहमय प्राकारालु । प्रपंचमेले प्रजाधिपतुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 10 ॥
इंद्रनीलमणि आभरणालु वज्रपुकोटलु वैढूर्यालु । पुष्यरागमणि प्राकारालु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 11 ॥
सप्तकोटिघन मंत्रविद्यलु सर्वशुभप्रद इच्छाशक्तुलु । श्री गायत्री ज्ञानशक्तुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 12 ॥
भुवनेश्वरि संकल्पमे जनियिंचे मणिद्वीपमु । देवदेवुल निवासमु अदिये मनकु कैवल्यमु ॥
मिलमिललाडे मुत्यपु राशुलु तलतललाडे चंद्रकांतमुलु । विद्युल्लतलु मरकतमणुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 13 ॥
कुबेर इंद्र वरुण देवुलु शुभाल नॊसगे अग्निवायुवुलु । भूमि गणपति परिवारमुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 14 ॥
भक्ति ज्ञान वैराग्य सिद्धुलु पंचभूतमुलु पंचशक्तुलु । सप्तृषुलु नवग्रहालु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 15 ॥
कस्तूरि मल्लिक कुंदवनालु सूर्यकांति शिल महाग्रहालु । आरु ऋतुवुलु चतुर्वेदालु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 16 ॥
भुवनेश्वरि संकल्पमे जनियिंचे मणिद्वीपमु । देवदेवुल निवासमु अदिये मनकु कैवल्यमु ॥
मंत्रिणि दंडिनि शक्तिसेनलु कालि कराली सेनापतुलु । मुप्पदिरॆंडु महाशक्तुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 17 ॥
सुवर्ण रजित सुंदरगिरुलु अनंगदेवि परिचारिकलु । गोमेधिकमणि निर्मितगुहलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 18 ॥
सप्तसमुद्रमुलनंत निधुलु यक्ष किन्नॆर किंपुरुषादुलु । नानाजगमुलु नदीनदमुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 19 ॥
मानव माधव देवगणमुलु कामधेनुवु कल्पतरुवुलु । सृष्टि स्थिति लय कारणमूर्तुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 20 ॥
भुवनेश्वरि संकल्पमे जनियिंचे मणिद्वीपमु । देवदेवुल निवासमु अदिये मनकु कैवल्यमु ॥
कोटि प्रकृतुल सौंदर्यालु सकल वेदमुलु उपनिषत्तुलु । पदारुरेकुल पद्मशक्तुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 21 ॥
दिव्यफलमुलु दिव्यास्त्रमुलु दिव्यपुरुषुलु धीरमातलु । दिव्यजगमुलु दिव्यशक्तुलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 22 ॥
श्री विघ्नेश्वर कुमारस्वामुलु ज्ञानमुक्ति एकांत भवनमुलु । मणिनिर्मितमगु मंडपालु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 23 ॥
पंचभूतमुलु याजमान्यालु प्रवालसालं अनेक शक्तुलु । संतानवृक्ष समुदायालु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 24 ॥
भुवनेश्वरि संकल्पमे जनियिंचे मणिद्वीपमु । देवदेवुल निवासमु अदिये मनकु कैवल्यमु ॥
चिंतामणुलु नवरत्नालु नूरामडल वज्रपुराशुलु । वसंतवनमुलु गरुडपच्चलु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 25 ॥
दुःखमु तॆलियनि देवीसेनलु नटनाट्यालु संगीतालु । धनकनकालु पुरुषार्धालु मणिद्वीपानिकि महानिधुलु ॥ 26 ॥
पदुनालुगु लोकालन्निटि पैन सर्वलोकमनु लोकमु कलदु । सर्वलोकमे ई मणिद्वीपमु सर्वेश्वरिकदि शाश्वत स्थानम् ॥ 27 ॥
चिंतामणुल मंदिरमंदु पंचब्रह्मल मंचमुपैन । महादेवुडु भुवनेश्वरितो निवसिस्ताडु मणिद्वीपमुलो ॥ 28 ॥
भुवनेश्वरि संकल्पमे जनियिंचे मणिद्वीपमु । देवदेवुल निवासमु अदिये मनकु कैवल्यमु ॥
मणिगणखचित आभरणालु चिंतामणि परमेश्वरिदाल्चि । सौंदर्यानिकि सौंदर्यमुगा अगुपडुतुंदि मणिद्वीपमुलो ॥ 29 ॥
परदेवतनु नित्यमुकॊलचि मनसर्पिंचि अर्चिंचिनचो । अपारधनमु संपदलिच्चि मणिद्वीपेश्वरि दीविस्तुंदि ॥ 30 ॥
नूतन गृहमुलु कट्टिनवारु मणिद्वीपवर्णन तॊम्मिदिसार्लु । चदिविन चालु अंता शुभमे अष्टसंपदल तुलतूगेरु ॥ 31 ॥
शिवकवितेश्वरि श्रीचक्रेश्वरि मणिद्वीप वर्णन चदिविन चोट । तिष्टवेसुकुनि कूर्चॊनुनंट कोटिशुभालनु समकूर्चुटकै ॥ 32 ॥
भुवनेश्वरि संकल्पमे जनियिंचे मणिद्वीपमु । देवदेवुल निवासमु अदिये मनकु कैवल्यमु ॥
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