Shiva · Traditional devotional text · Source: vignanam.org (Traditional devotional text (public-domain shlokas))
ॐ भैरवेशाय नमः . ॐ ब्रह्मविष्णुशिवात्मने नमः ॐ त्रैलोक्यवंधाय नमः ॐ वरदाय नमः ॐ वरात्मने नमः ॐ रत्नसिंहासनस्थाय नमः ॐ दिव्याभरणशोभिने नमः ॐ दिव्यमाल्यविभूषाय नमः ॐ दिव्यमूर्तये नमः ॐ अनेकहस्ताय नमः ॥ 10 ॥
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ॐ अनेकशिरसे नमः ॐ अनेकनेत्राय नमः ॐ अनेकविभवे नमः ॐ अनेककंठाय नमः ॐ अनेकांसाय नमः ॐ अनेकपार्श्वाय नमः ॐ दिव्यतेजसे नमः ॐ अनेकायुधयुक्ताय नमः ॐ अनेकसुरसेविने नमः ॐ अनेकगुणयुक्ताय नमः ॥20 ॥
ॐ महादेवाय नमः ॐ दारिद्र्यकालाय नमः ॐ महासंपद्प्रदायिने नमः ॐ श्रीभैरवीसंयुक्ताय नमः ॐ त्रिलोकेशाय नमः ॐ दिगंबराय नमः ॐ दिव्यांगाय नमः ॐ दैत्यकालाय नमः ॐ पापकालाय नमः ॐ सर्वज्ञाय नमः ॥ 30 ॥
ॐ दिव्यचक्षुषे नमः ॐ अजिताय नमः ॐ जितमित्राय नमः ॐ रुद्ररूपाय नमः ॐ महावीराय नमः ॐ अनंतवीर्याय नमः ॐ महाघोराय नमः ॐ घोरघोराय नमः ॐ विश्वघोराय नमः ॐ उग्राय नमः ॥ 40 ॥
ॐ शांताय नमः ॐ भक्तानां शांतिदायिने नमः ॐ सर्वलोकानां गुरवे नमः ॐ प्रणवरूपिणे नमः ॐ वाग्भवाख्याय नमः ॐ दीर्घकामाय नमः ॐ कामराजाय नमः ॐ योषितकामाय नमः ॐ दीर्घमायास्वरूपाय नमः ॐ महामायाय नमः ॥ 50 ॥
ॐ सृष्टिमायास्वरूपाय नमः ॐ निसर्गसमयाय नमः ॐ सुरलोकसुपूज्याय नमः ॐ आपदुद्धारणभैरवाय नमः ॐ महादारिद्र्यनाशिने नमः ॐ उन्मूलने कर्मठाय नमः ॐ अलक्ष्म्याः सर्वदा नमः ॐ अजामलवद्धाय नमः ॐ स्वर्णाकर्षणशीलाय नमः ॐ दारिद्र्य विद्वेषणाय नमः ॥ 60 ॥
ॐ लक्ष्याय नमः ॐ लोकत्रयेशाय नमः ॐ स्वानंदं निहिताय नमः ॐ श्रीबीजरूपाय नमः ॐ सर्वकामप्रदायिने नमः ॐ महाभैरवाय नमः ॐ धनाध्यक्षाय नमः ॐ शरण्याय नमः ॐ प्रसन्नाय नमः ॐ आदिदेवाय नमः ॥ 70 ॥
ॐ मंत्ररूपाय नमः ॐ मंत्ररूपिणे नमः ॐ स्वर्णरूपाय नमः ॐ सुवर्णाय नमः ॐ सुवर्णवर्णाय नमः ॐ महापुण्याय नमः ॐ शुद्धाय नमः ॐ बुद्धाय नमः ॐ संसारतारिणे नमः ॐ प्रचलाय नमः ॥ 80 ॥
ॐ बालरूपाय नमः ॐ परेषां बलनाशिने नमः ॐ स्वर्णसंस्थाय नमः ॐ भूतलवासिने नमः ॐ पातालवासाय नमः ॐ अनाधाराय नमः ॐ अनंताय नमः ॐ स्वर्णहस्ताय नमः ॐ पूर्णचंद्रप्रतीकाशाय नमः ॐ वदनांभोजशोभिने नमः ॥ 90 ॥
ॐ स्वरूपाय नमः ॐ स्वर्णालंकारशोभिने नमः ॐ स्वर्णाकर्षणाय नमः ॐ स्वर्णाभाय नमः ॐ स्वर्णकंठाय नमः ॐ स्वर्णाभांबरधारिणे नमः ॐ स्वर्णसिंहानस्थाय नमः ॐ स्वर्णपादाय नमः ॐ स्वर्णभपादाय नमः ॐ स्वर्णकांचीसुशोभिने नमः ॥ 100 ॥
ॐ स्वर्णजंघाय नमः ॐ भक्तकामदुधात्मने नमः ॐ स्वर्णभक्ताय नमः ॐ कल्पवृक्षस्वरूपिणे नमः ॐ चिंतामणिस्वरूपाय नमः ॐ बहुस्वर्णप्रदायिने नमः ॐ हेमाकर्षणाय नमः ॐ भैरवाय नमः ॥ 108 ॥
॥ इति श्री स्वर्णाकर्षण भैरव अष्टोत्तर शतनामावलिः संपूर्णम् ॥
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