Devi · Traditional devotional text · Source: vignanam.org (Traditional devotional text (public-domain shlokas))
रविसुधाकर वह्निलोचन रत्नकुंडल भूषिणी प्रविमलंबुग मम्मुनेलिन भक्तजन चिंतामणी । अवनि जनुलकु कॊंगुबंगारैन दैवशिखामणी शिवुनि पट्टपुराणि गुणमणि श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 1 ॥
कलियुगंबुन मानवुलकुनु कल्पतरुवै युंडवा वॆलयगुनु श्री शिखरमंदुन विभवमै विलसिल्लवा । आलसिंपक भक्तवरुलकु अष्टसंपद लीयवा जिलुगु कुंकुम कांतिरेखल श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 2 ॥
अंग वंग कलिंग काश्मीरांध्र देशमुलंदुनन् पॊंगुचुनु वरहाल कॊंकण पुण्यभूमुल यंदुनन् । रंगुगा कर्णाट राट मराट देशमुलंदुनन् शृंगिनी देशमुल वॆलसिन श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 3 ॥
अक्षयंबुग काशिलोपल अन्नपूर्ण भवानिवै साक्षिगणपति कन्न तल्लिवि सद्गुणावति शांभवी । मोक्षमोसगॆडु कनकदुर्गवु मूलकारण शक्तिवि शिक्षजेतुवु घोरभवमुल श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 4 ॥
उग्रलोचन वरवधूमणि कॊप्पुगल्गिन भामिनी विग्रहंबुल कॆल्ल घनमै वॆलयु शोभनकारिणी । अग्रपीठमुनंदु वॆलसिन आगमार्थ विचारिणी शीघ्रमेकनि वरमुलित्तुवु श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 5 ॥
निगमगोचर नीलकुंडलि निर्मलांगि निरंजनी मिगुल चक्कनि पुष्पकोमलि मीननेत्र दयानिधी । जगतिलोन प्रसिद्धिकॆक्किन चंद्रमुखि सीमंतिनी चिगुरुटाकुलवंटि पॆदवुल श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 6 ॥
सोमशेखर पल्लवाधरि सुंदरीमणी धीमणी कोमलांगि कृपापयोनिधि कुटिलकुंतल योगिनी । ना मनंबुन पायकुंडम नगकुलेशुनि नंदिनी सीमलोन प्रसिद्धिकॆक्किन श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 7 ॥
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भूतनाथुनि वामभागमु पॊंदुगा चेकॊंदुवा ख्यातिगनु श्रीशैलमुन विख्यातिगा नॆलकॊंटिवा । पातकंबुल पारद्रोलुचु भक्तुलनु चेकॊंटिवा श्वेतगिरिपै नुंडि वॆलसिन श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 8 ॥
ऎल्लवॆलसिन नीदु भावमु विष्णुलोकमु नंदुन पल्लविंचुनु नी प्रभावमु ब्रह्मलोकमु नंदुन । तॆल्लमुग कैलासमंदुन मूडुलोकमु लंदुन चॆल्लुनम्म त्रिलोकवासिनि श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 9 ॥
तरुणि श्रीगिरि मल्लिकार्जुन दैवरायल भामिनी करुणतो मम्मेलु यॆप्पुडु कल्पवृक्षमु भंगिनी । वरुसतो नी यष्टकंबुनु व्रासि चदिविन वारिकि सिरुलनिच्चॆद वॆल्ल कालमु श्रीगिरि भ्रमरांबिका ॥ 10 ॥
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