Devi · Traditional devotional text · Source: vignanam.org (Traditional devotional text (public-domain shlokas))
ॐ प्रकृत्यै नमः ॐ विकृत्यै नमः ॐ विद्यायै नमः ॐ सर्वभूत हितप्रदायै नमः ॐ श्रद्धायै नमः ॐ विभूत्यै नमः ॐ सुरभ्यै नमः ॐ परमात्मिकायै नमः ॐ वाचे नमः ॐ पद्मालयायै नमः (10)
ॐ पद्मायै नमः ॐ शुचये नमः ॐ स्वाहायै नमः ॐ स्वधायै नमः ॐ सुधायै नमः ॐ धन्यायै नमः ॐ हिरण्मय्यै नमः ॐ लक्ष्म्यै नमः ॐ नित्यपुष्टायै नमः ॐ विभावर्यै नमः (20)
ॐ अदित्यै नमः ॐ दित्यै नमः ॐ दीप्तायै नमः [दीपायै नमः] ॐ वसुधायै नमः ॐ वसुधारिण्यै नमः ॐ कमलायै नमः ॐ कांतायै नमः ॐ कामाक्ष्यै नमः ॐ क्षीरोदसंभवायै नमः ॐ अनुग्रहपरायै नमः (30)
ॐ बुद्धये नमः ॐ अनघायै नमः ॐ हरिवल्लभायै नमः ॐ अशोकायै नमः ॐ अमृतायै नमः ॐ दीप्तायै नमः ॐ लोकशोक विनाशिन्यै नमः ॐ धर्मनिलयायै नमः ॐ करुणायै नमः ॐ लोकमात्रे नमः (40)
ॐ पद्मप्रियायै नमः ॐ पद्महस्तायै नमः ॐ पद्माक्ष्यै नमः ॐ पद्मसुंदर्यै नमः ॐ पद्मोद्भवायै नमः ॐ पद्ममुख्यै नमः ॐ पद्मनाभप्रियायै नमः ॐ रमायै नमः ॐ पद्ममालाधरायै नमः ॐ देव्यै नमः (50)
ॐ पद्मिन्यै नमः ॐ पद्मगंधिन्यै नमः ॐ पुण्यगंधायै नमः ॐ सुप्रसन्नायै नमः ॐ प्रसादाभिमुख्यै नमः ॐ प्रभायै नमः ॐ चंद्रवदनायै नमः ॐ चंद्रायै नमः ॐ चंद्रसहोदर्यै नमः ॐ चतुर्भुजायै नमः (60)
ॐ चंद्ररूपायै नमः ॐ इंदिरायै नमः ॐ इंदुशीतलायै नमः ॐ आह्लादजनन्यै नमः ॐ पुष्ट्यै नमः ॐ शिवायै नमः ॐ शिवकर्यै नमः ॐ सत्यै नमः ॐ विमलायै नमः ॐ विश्वजनन्यै नमः (70)
Offered for worship and study, not as prediction. Non-commercial.
ॐ तुष्टये नमः ॐ दारिद्र्यनाशिन्यै नमः ॐ प्रीतिपुष्करिण्यै नमः ॐ शांतायै नमः ॐ शुक्लमाल्यांबरायै नमः ॐ श्रियै नमः ॐ भास्कर्यै नमः ॐ बिल्वनिलयायै नमः ॐ वरारोहायै नमः ॐ यशस्विन्यै नमः (80)
ॐ वसुंधरायै नमः ॐ उदारांगायै नमः ॐ हरिण्यै नमः ॐ हेममालिन्यै नमः ॐ धनधान्य कर्यै नमः ॐ सिद्धये नमः ॐ स्त्रैणसौम्यायै [सदासौम्यायै] नमः ॐ शुभप्रदायै नमः ॐ नृपवेश्मगतायै नमः ॐ नंदायै नमः (90)
ॐ वरलक्ष्म्यै नमः ॐ वसुप्रदायै नमः ॐ शुभायै नमः ॐ हिरण्यप्राकारायै नमः ॐ समुद्र तनयायै नमः ॐ जयायै नमः ॐ मंगलायै देव्यै नमः ॐ विष्णु वक्षःस्थल स्थितायै नमः ॐ विष्णुपत्न्यै नमः ॐ प्रसन्नाक्ष्यै नमः (100)
ॐ नारायण समाश्रितायै नमः ॐ दारिद्र्य ध्वंसिन्यै नमः ॐ सर्वोपद्रव वारिण्यै नमः ॐ नवदुर्गायै नमः ॐ महाकाल्यै नमः ॐ ब्रह्म विष्णु शिवात्मिकायै नमः ॐ त्रिकाल ज्ञान संपन्नायै नमः ॐ भुवनेश्वर्यै नमः (108)
इति श्रीलक्ष्म्यष्टोत्तरशतनामावलि समाप्तम्.
Browse Related Categories: