Geethams - Carnatic Music Lessons · Traditional devotional text · Source: vignanam.org (Traditional devotional text (public-domain shlokas))
रागम्: मलहरि (मेलकर्त 15, मायामालव गौल जन्यरागम्) स्वर स्थानाः: षड्जम्, शुद्ध ऋषभम्, शुद्ध मध्यमम्, पंचमम्, शुद्ध धैवतम् आरोहण: स रि1 . . . म1 . प द1 . . . स' अवरोहण: स' . . . द1 प . म1 ग3 . . रि1 स तालम्: तिस्र जाति त्रिपुट तालम् अंगाः: 1 लघु (3 काल) + 1 धृतम् (2 काल) + 1 धृतम् (2 काल) रूपकर्त: पुरंधर दास भाषा: कन्नड पल्लवि पदुमनाभ परमपुरुषा परंज्योति स्वरूप विदुरवंद्य विमलचरित विहंगादि रोहण अनुपल्लवि उदधिनिवास उरग शयन उन्न-तोन्नत महिमा यदुकुलोत्तम यज्ञ रक्षक यज्ञ शिक्षक राम नाम (पदुमनाभ) चरणम् विभीषण पालक नमो नमो इभवरदायक नमो नमो शुभप्रद सुमनोरद सु- रेंद्र मनोरंजन अभिनव पुरंधर वि- ठ्ठल भल्लरे रामनाम (पदुमनाभ) स्वराः पल्लवि
Offered for worship and study, not as prediction. Non-commercial.
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